मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पारिवारिक शिकार हुए मासूम ,पुरे में सनसनी

मामला अनूपपुर जिले के जैतहरी थानांतर्गत ग्रामपंचायत धनगवां के पिपरहा टोला का है जहां में एक ही परिवार के तीन लोग जल कर खाक हो गए। बताया जा रहा है कि दीपक का अपने भाई के साथ विवाद था जिसके चलते वो हमेशा परेशान रहता था। तो वहीं दूसरे कमरे में मृतक ओमकार के भाई 31 वर्षीया दीपक विश्वकर्मा भी घटना को अंजाम देने के बाद खुद को भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पारिवारिक  शिकार हुए मासूम ,पुरे  में सनसनी

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पारिवारिक  शिकार हुए मासूम ,पुरे  में सनसनी

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में बर्बरता की एक बड़ी घटना सामने आई है।  जहां पारिवारिक विवाद ने मासूमो को मौत के घाट उतर  दिया। मध्य प्रदेश में दीपक नामक युवक ने पारिवारिक विवाद के कारण बीती रात लगभग 1:30 से 2:00 के बीच आक्रोश में आकर अपने ही सगे भाई-भाभी और उनके दो बच्चों को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया है और उसके बाद उसने खुद भी फांसी के फंदे पर झूल कर खुदकुशी कर ली है। इस हादसे से पूरा इलाका स्तब्ध रह गया है।

मामला अनूपपुर जिले के जैतहरी थानांतर्गत ग्रामपंचायत धनगवां के पिपरहा टोला का है जहां में एक ही परिवार के तीन लोग जल कर खाक हो गए। बताया जा रहा है कि दीपक का अपने भाई के साथ विवाद था जिसके चलते वो हमेशा परेशान रहता था। तो वहीं दूसरे कमरे में मृतक ओमकार के भाई  31 वर्षीया दीपक विश्वकर्मा भी घटना को अंजाम देने के बाद खुद को भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार जलकर मरने वालों में पिता ओमकार उम्र 46 वर्ष, पत्नी कस्तूरिया बाई 40 वर्ष, बेटी निधी विश्वकर्मा उम्र 16 वर्ष शामिल हैं, जिनको पहचानना बहुत मुश्किल हो रहा है। इस मामले में गांव वालों का कहना है कि दीपक विश्वकर्मा ने ही बाहर से दरवाजा बंद करके अपने सो रहे भाई के परिवार के दरवाजे में केरोसिन डाल कर आग लगा दिया और खुद दूसरे कमरे में फांसी लगा आत्महत्या कर ली है। वहीं अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

एक बालक जिसकी उम्र लगभग 18 वर्ष है जिसे उसके चाचा चेतराम विश्वकर्मा बगल में सो रहे थे शोर शराबा सुन कर दरवाजा तोड़ कर बाहर निकाला जिसको शहडोल के लिए रिफर कर दिया जो बुरी तरह जल चुका है।