कंगना रनौत Vs ऋतिक रोशन -ऋतिक रोशन को मुंबई क्राइम ब्रांच ने भेजा समन, जल्द दर्ज होगा बयान

मुंबई क्राइम ब्रांच की 'क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट' (CIU) ऋतिक रोशन को जल्द ही समन भेजेगी। CIU ऋतिक को ये समन कंगना रनोट से जुड़े ई-मेल केस के संदर्भ में भेजने की तैयारी कर र बात की जानकारी CIU से जुही है। इसड़े एक सूत्र ने बुधवार को दी है।

कंगना रनौत Vs ऋतिक रोशन -ऋतिक रोशन को मुंबई क्राइम ब्रांच ने भेजा  समन, जल्द दर्ज होगा बयान

कंगना और ऋतिक का झगड़ा तो जग जाहिर है | कंगना और ऋतिक ईमेल एक्सचेंज मामले में  CIU कारवाही करने जा रही है | आपको बता दे ,की 2016 से चल रहे इस मामले में कंगना और ऋतिक ने एक दूसरे को नोटिस भेजा था। ऋतिक ने यह नोटिस तब भेजा था, जब कंगना ने एक इंटरव्यू में उन्हें सिली एक्स कहा था। इसके बाद यह खबर सामने आई थी कि कंगना ने ऋतिक को कई सारे मेल किए थे, जब वे कथित तौर पर रिलेशन में थे। कंगना और ऋतिक ने एक साथ महज दो फिल्मों में ही काम किया था, 2010 में आई काइट्स और 2013 में आई कृष-3। इसी दौरान कंगना-ऋतिक के अफेयर की खबरें आईं थीं।  मुंबई क्राइम ब्रांच की 'क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट' (CIU) ऋतिक रोशन को जल्द ही समन भेजेगी। CIU ऋतिक को ये समन कंगना रनोट से जुड़े ई-मेल केस के संदर्भ में भेजने की तैयारी कर र बात की जानकारी CIU से जुही है। इसड़े एक सूत्र ने बुधवार को दी है। ऋतिक और कंगना के बीच चल रहे 5 साल पुराने इस केस को दिसंबर 2020 में CIU को ट्रांसफर किया गया था। इससे पहले इस केस की जांस साइबर पुलिस कर रही थी।CIU से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ऋतिक को इस केस में अपना बयान दर्ज करने के लिए इस हफ्ते क्राइम ब्रांच बुलाया जाएगा। इसके बाद कंगना का स्टेटमेंट भी लिया जा सकता है। 2016 में ऋतिक ने कंगना के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जब उन्हें कंगना के अकाउंट से 100 से ज्यादा ईमेल मिले थे।

 कंगना-ऋतिक का पूरा मामला क्या था 
ऋतिक की FIR के अनुसार उन्हें 2013 से लेकर 2014 तक कई सौ ईमेल्स मिले थे। जिसके बाद 2016 में ऋतिक ने सायबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी। ये सभी मेल कंगना की आईडी से भेजे गए थे। हालांकि, ऋतिक की ओर से दायर यह केस अज्ञात के खिलाफ था, जिस पर IPC r/w 66 C और D की धारा 419 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इंडिया टुडे की खबर के अनुसार सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को एक पत्र लिखते हुए मांग की थी कि इस केस की जांच में अभी तक कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है। तब कमिश्नर ने केस साइबर सेल से CIU को ट्रांसफर कर दिया था।