अमेरिका -प्रदर्शनकारियों पर ट्रम्प ने कहा अगर वो नहीं माने तो वे सेना को बुलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे

अमेरिका में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे है। एक अश्वेत अमिरेकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन अब देश के 40 राज्यों और 140 से ज्यादा शहरों तक पहुंच गया है....

अमेरिका -प्रदर्शनकारियों पर ट्रम्प ने कहा अगर वो नहीं माने तो वे सेना को बुलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे

वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और टेक्सस में इस प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है और आगजनी-तोड़फोड़ और पुलिस से संघर्ष की सैंकड़ों घटनाएं सामने आ रहीं हैं| उधर व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन बढ़ता देख राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारी नहीं माने तो वे सेना को बुलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे| ट्रंप ने कहा है कि मिनीसोटा में एक श्वेत पुलिस अधिकारी द्वारा एक अश्वेत व्यक्ति के मारे जाने के बाद देश भर में भड़की हिंसा में भूमिका को लेकर अमेरिका वाम चरमपंथी समूह 'एंटिफा' को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करेगा|एंटिफा को अमेरिका में एक वाम राजनीती से जुड़े संगठन फासीवादी विरोधी आंदोलन के रूप में जाना जाता है | ट्रंप ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, 'अमेरिका एंटिफा को आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित करेगा |' मिनीपोलिस में जॉर्ज फ्लोयड की मौत के बाद देश भर में हिंसक प्रदर्शनों के अचानक बढ़ने का आरोप ट्रंप प्रशासन ने इस वाम चरमपंथी समूह पर लगाया है| ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस के पास स्थित उस चर्च का भी दौरा किया जिसे प्रदर्शनकारियों ने रविवार को आग के हवाले कर दिया था | 

मिनसोटा से शुरू हुआ ये प्रदर्शन अब इतना उग्र हो गया है कि इसके चलते 21 शहरों में नेशनल गार्ड के जवान तैनात किए गए हैं|  सोमवार को ट्रंप ने राज्यों के गवर्नर के साथ एक मीटिंग की जिसमें वे उनसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए कहते नज़र आए| ट्रंप ने कहा- वाशिंगटन में कल रात जो हुआ वो शर्मनाक है, मैं हजारों हथियारबंद जवानों को सभी जगह तैनात कर रहा हूं |  सेना, नेशनल गर्द और पुलिस मिलकर अब दंगा, लूटपाट और तोड़-फोड़ करने वाले इन लोगों से निपटने का काम करेगी| ट्रंप ने प्रदर्शन को 'घरेलू आतंकवाद' का नाम दिया है | ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ये प्रदर्शन नहीं रुके तो दोषियों पर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई होगी और भारी जुर्माना और लंबी सजा भी भुगतनी पड़ेगी| 

ऑटोप्सी में सामने आया मौत का कारण 

उधर जॉर्ज फ्लॉयड की ऑटोप्सी में सामने आया है कि पुलिसवाले ने उसकी गर्दन को घुटने से 9 मिनट से ज्यादा समय तक दबाकर रखा था|  इस दौरान जॉर्ज लगातार 'मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं' कहता रहा लेकिन पुलिसवालों ने उसकी बात सुनने की जगह बर्बरता से उसके साथ मारपीट भी की| जॉर्ज की मौत ऑक्सीजन न मिल पाने के चलते हुई है और उसकी गर्दन पर भी घुटने से दबाने के निशान पाए गए हैं| बता दें कि अमेरिका में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद से अभी तक तीन अश्वेतों की हत्या हो चुकी है|  इनमें से दो की हत्या तो पुलिस ने ही की, जबकि एक की हत्या में दो श्वेत नागरिक शामिल पाए गए हैं| 


खैर ऐसा अमेरिका में पहली बार नहीं हो रहा वह अभी भी अश्वेत अमिरेकी के साथ दुर्वव्हार होते है। इस आंदोलन पूरी दुनिया के लोग अब अपनी राय देते हुई नज़र आ रहा है | अब देखना ये है ट्रंप के इस बयान से मामला ठीक होता है या और बिगड़ जाता है |